उत्सर्जन रेखाओं और अवशोषण रेखाओं की व्याख्या कीजिए।

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(N/A) $1$. उत्सर्जन रेखाएँ: जब उत्तेजित अवस्था में कोई परमाणु निम्न ऊर्जा अवस्था में संक्रमण करता है,तो वह दो ऊर्जा स्तरों के अंतर के बराबर ऊर्जा वाला एक फोटॉन उत्सर्जित करता है $(E_2 - E_1 = h\nu)$। इसके परिणामस्वरूप स्पेक्ट्रम में एक विशिष्ट तरंगदैर्घ्य पर एक चमकीली रेखा प्राप्त होती है,जिसे उत्सर्जन रेखा कहा जाता है।
$2$. अवशोषण रेखाएँ: जब निम्न ऊर्जा अवस्था में कोई परमाणु अपनी वर्तमान अवस्था और उच्च ऊर्जा अवस्था के अंतर के बराबर ऊर्जा वाले फोटॉन का अवशोषण करता है $(h\nu = E_2 - E_1)$,तो वह उच्च अवस्था में संक्रमण कर जाता है। निरंतर स्पेक्ट्रम से विशिष्ट तरंगदैर्घ्य के हट जाने के कारण जो काली रेखाएँ बनती हैं,उन्हें अवशोषण रेखाएँ कहा जाता है।

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